भारतीय संविधान में निहित मौलिक कर्त्तव्य

भारतीय संविधान में निहित मौलिक कर्त्तव्य | सरदार स्वर्ण सिंह समिति की अनुशंसा पर मौलिक कर्तव्यों को वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 51 (क) के अन्तर्गत संविधान में समाविष्ट किया गया। ये न्यायालय के माध्यम से प्रवृत्त तो नहीं कराए जा सकते, किन्तु संविधान के निर्वचन में दिशादर्शन के रूप से महत्त्वपूर्ण … Read more

भारतीय संविधानाचे मूलभूत अधिकार – Fundamental Rights

भारतीय संविधानाचे मूलभूत अधिकार | भारतीय राज्यघटनेतील मूलभूत अधिकार | भारतीय राज्यघटनेच्या भाग 3 मधील कलम 12 ते 35 मध्ये मूलभूत अधिकारांचे तपशील दिले आहेत. या संदर्भात, राज्यघटना तयार करणाऱ्यांवर अमेरिकन राज्यघटनेचा प्रभाव होता (म्हणजे हक्काच्या विधेयकावरून). राज्यघटनेच्या भाग 3 ला “भारताचा मॅग्ना कार्टा” असे नाव देण्यात आले आहे, ते अगदी योग्य आहे. हे ‘न्याययोग्य’ … Read more

भारतीय संविधान के मूल अधिकार – Fundamental Rights

भारतीय संविधान के मूल अधिकार

भारतीय संविधान के मूल अधिकार | भारतीय संविधान के भाग 3 में अनुच्छेद 12 से 35 तक मूल अधिकारों का विवरण है। इस संबंध में संविधान निर्माता अमेरिकी संविधान (यानि के अधिकार के विधेयक से) से प्रभावित रहे । संविधान के भाग 3 को ‘भारत का मैग्नाकार्टा” की संज्ञा दी गयी हैं, जो सर्वथा उचित … Read more

भारतीय राज्यघटनेच्या १२ वेळापत्रके

भारतीय राज्यघटनेच्या १२ वेळापत्रके | भारतीय राज्यघटना त्यातील घटक आणि भावनेच्या संदर्भात अद्वितीय आहे. तथापि, त्यातील बरेच घटक जगातील विविध संविधानांमधून घेतले गेले आहेत. भारतीय राज्यघटनेत असे अनेक घटक आहेत, जे इतर देशांच्या संविधानांपेक्षा वेगळी ओळख देतात. हे लक्षात घेण्यासारखे आहे की 1949 मध्ये स्वीकारलेल्या राज्यघटनेच्या अनेक मूलभूत वैशिष्ट्यांमध्ये लक्षणीय बदल झाले आहेत. विशेषतः ७व्या, … Read more

भारतीय संविधान की 12 अनुसूचियां |

भारतीय संविधान की 12 अनुसूचियां | भारतीय संविधान तत्वों और मूल भावना के संबंध में अद्वितीय है। हालांकि इसके कई तत्व विश्व के विभिन्न संविधानों से उधार लिये गये हैं। भारतीय संविधान के कई ऐसे तत्व हैं, जो उसे अन्य देशों के संविधानों से अलग पहचान प्रदान करते हैं। यह बात ध्यान देने योग्य है … Read more