सुपर कम्प्यूटर

सुपर कम्प्यूटर सर्वाधिक गति, संग्रह क्षमता एवं उच्च विस्तार वाले होते हैं। इनका आकार एक सामान्य कमरे के बराबर होता है। विश्व का प्रथम super computer ‘क्रे रिसर्च कम्पनी’ द्वारा 1976 में विकसित क्रे-1 (Cray-1) था। भारत के पास भी एक super computer है, जिसका नाम परम (PARAM) है, जिसका विकास C-DAC ने किया है। super computer का मुख्य उपयोग मौसम की भविष्यवाणी करने, एनीमेशन तथा चलचित्र का निर्माण करने, अन्तरिक्ष यात्रा के लिए अन्तरिक्ष में भेजने इत्यादि कार्यों में किया जाता है।

भारत के सुपर कम्प्यूटर

सुपर कम्प्यूटरविकास में सहयोगी संस्थान
परम सिद्धि (2020)सी डैक
परम शिवाय (2019)आई आई टी (बीएचयू)
प्रत्यूष (2017)आई आई टी एम (पुणे)
परम कंचनजंगा (2016)सी-डेक और NIT सिक्किम
आदित्य (2013).इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ ट्रॉपीकल मेट्रोलोजी
परम युवा || (2013)सी-डेक, पुणे
सागा-220 (2011)इसरो
अनुपम-अध्या (2010-11)भाभा परमाणु अनुसन्धान केन्द्र (बी ए आर सी)
एका (2007)कम्प्यूटेशनल रिसर्च लैबोरेटरीज-टाटा समूह, पुणे
भारत के सुपर कम्प्यूटर

दुनिया के शीर्ष सुपर कम्प्यूटर

नामउत्पादक कम्पनीदेश
फ्रंटोरा (2019)टेक्सास यूनिवर्सिटी अमेरिका
IBM सम्मिट (2018)IBMअमेरिका
सनवे ताईहुलाइट (2016)नेशनल सुपरकम्पयूटिंग सेन्टरचीन
तिअन्हे -2 (2013)सन यत-सेन यूनिवर्सिटी चीन
टाइटन (2012)ओक रिज नेशनल लेबोरेटरीचीन
सिक्योआ (2011) आई बी एमअमेरिका
के-कम्प्यूटर (2011)फ्यूजीटरजापान
मीरा (2010)आईबीएमअमेरिका
दुनिया के शीर्ष सुपर कम्प्यूटर

रोबोटिक्स

रेक्स यह विश्व का पहला पूर्ण बायोनिक मानव है। रेक्स (Rex) रोबोटिक एक्सकेल्टन (Robotic Exaskeleton) का लघु रूप है।

किरोबो किरोबो अन्तरिक्ष में जाने वाला पहला बोलने वाला रोबोट है। इस रोबोट का विकास जापानी डेंट्स इंक द्वारा जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेन्सी के साथ संयुक्त उपक्रम में किया गया। इस रोबोट को 4 अगस्त, 2013 को अन्तरिक्ष में भेजा गया।

स्नेक रोबोट ये रोबोट डीआरडीओ द्वारा बनाया गया है। इस रोबोट के द्वारा दुर्घटना, आपदा में फंसे लोगों की सहायता के लिए अभियान चलाने में मदद मिलेगी। यह रोबोट छोटी-सी जगह में भी घुसकर बचाव अभियान चलाने में मदद कर सकता है।

फीमेसेपियन रोबोट यह एक बुद्धिमान एवं परस्पर संवाद करने वाला रोबोट है, जो नाच भी सकता है। यह रोबोट जापान में बनाया गया है।

सोफिया रोबोट यह रोबोट अपने चेहरे के हावभाव बदल सकती है और लोगों से बातचीत भी कर सकती है। अक्टूबर, 2017 में सऊदी अरब ने इसे अपने देश की नागरिकता प्रदान की। ऐसा करने वाला यह विश्व का पहला देश बन गया है।

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